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Lyrics

कोई कहता ईश्वर नहीं है कोई कहता ईश्वरमय है संसार (Koi Kehta Ishwar Nahi Hai Koi Kehta Ishwarmay Hai Sansar)

Satyavani Bhajan (Part-1)
कोई कहता ईश्वर नहीं है कोई कहता ईश्वरमय है संसार कोई कहता ईश्वर नहीं है कोई कहता ईश्वरमय है संसार । कोई कहता पुनर्जन्म है कोई कहता होती मृत्यु एक ही बार । कोई कहता स्वर्ग नरक है कोई कहता यह कर्म फल है विचार । कोई कहता दान पुण्य भल है कोई कहता ये सब बेकार । कोई कहता ध्यान से मिलता प्रभु कोई कहता ये सब मन का विचार । कोई कहता भक्ति से प्रभु रीझे कोई कहता नहीं प्रभु फिर किसका दीदार । कोई कहता ग्यानमय है प्रभु कोई कहता ये सब धारणा विचार । लक्ष्मी कहता गुरु में है प्रभु वो है नहीं है दोने के है पार । ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,
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