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Lyrics

कोई कैसे जाने ? (Koi Kaise Jane)

Satyavani Bhajan (Part-1)
कोई कैसे जाने ? हे प्रभु तुझे कोई कैसे जाने । बिनु बाणी तू बातें करता कोई कैसे समझ पाये । बिनु पद तू चलता प्रभु कैसे फिर कोई तुझको ध्यावे ? बिनु हाथों कर्म करे तू फिर कैसे कोई माने ? बिनु तन स्पर्श करता कैसे कोई फिर पहचाने ? बिनु मुख तू खाता पिता फिर कैसे कोई खिलावे ? बिनु नयन तू सब देखे फिर कैसे तुझसे छुप पावे कहत लक्ष्मी सुनो रे हरि तू अकथ अनादि कैसे शरण तेरे आवें ॥ ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra,
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