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Lyrics

सार शब्द

Satyavani Bhajan (Part -4)
शब्द शब्द सब कहे मरम जाने बिरला कोय जो जाने सार शब्द का वो तो अवधूत होय।। सार शब्द का भेद बताऊँ, अनुभव मैं अपना गाऊँ।। ऊर्जा है मूल जगत की, ऊर्जा में ही शब्द सुनाऊँ।। शब्द से रूप बने ऊर्जा का, सोई शब्द रूप परमात्मा बताऊँ।। ऊर्जा ही है सार शब्द का, ध्यान लगाओ हियँ समझाऊँ।। सुरता लगाओ शब्द में, सार सब शब्द का बताऊँ।। जो भी नाम धरो ऊर्जा का, वो ही सार शब्द सत्य बताऊँ।। कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु, ऊर्जा समझो भरम मिटाऊँ।। ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangeet Ki Jubani, Satyavani Sangit Mahotsav,
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