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Lyrics

हे प्रभु हमरा मन तेरे चरणों में

Satyavani Bhajan (Part -4)
हे प्रभु हमरा मन तेरे चरणों में हे प्रभु हमरा मन तेरे चरणों में लग जाए तुझे भुला पाएँ वो क्षण कभी न आए।। जगत से हार कर, आये है तेरे द्वार पर तेरे चरणों में अब शीश नवाएँ।। हे प्रभु हमरा..... तू है प्रभु बेसहारों का सहारा तू ही है नाथ भवसागर का किनारा तुझे छोड़ प्रभु कहाँ हम जाएँ। हे प्रभु हमरा..... तू है प्रभु दीन-दुखियों का दु:ख हर्ता तू ही जगत सृजक तू ही पालन कर्ता अब हम तेरे ही गुण गाएँ।। हे प्रभु हमरा..... जो भी तेरी शरण में आ जाते मन उनके शान्ति पा जाते हम भी आए हैं अब आस लगाएँ ।। हे प्रभु हमरा..... अवगुण प्रभु हमारे माफ करना दिलों को हे नाथ साफ करना कृपा करो नाथ तेरी शरण में आएँ।। हे प्रभु हमरा..... ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,
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