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Lyrics

घट में भगवान (Ghat Mein Bhagwan)

Satyavani Bhajan (Part-1)
घट में भगवान तेरे घट में बिराजे भगवान । ओ सुन ले जग के इन्सान ॥ तेरे घट में राम बिराजे । तेरे घट में कृष्ण भगवान ॥ तेरे अन्दर ईश्वर बोले । तेरे घट में बैठा अल्लाह रहमान ॥ श्वास को निर्मल करले । सुरता कों ले सीधा तान ॥ घट में हुँकारी मारो । ब्रह्माण्ड में ले जा प्रान ॥ मुख बन्द करके पुरा । दाँतों से लगा अपनी जुबान ॥ नासिका से श्वास सँभारो । आवत जावत का करो अनुमान ॥ मन के भाव मन में मिलाले । एकाग्र चित्त करके कर ध्यान ॥ कहत लक्ष्मी सुनो भाई साधु । पायेगा तू पद निर्वाम ॥ ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,
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