करनी की चेतावनी
अच्छी करनी कर ले बन्दे तू सुख ही सुख पायेगा ।
सबके नियन्ता कहते भगवन्ता उससे छुपा नहीं रह जायेगा ॥
अच्छी करनी कर ले .. .. .. .. .. ..
सबको मीत समझ अपना दुश्मन कहाँ रह पाएगा ।
परमार्थ पथ तू चलना जन्म सफल हो जायेगा ॥
अच्छी करनी कर ले .. .. .. .. .. ..
पाप-पुण्य की चिन्ता ना कर निष्काम कर्म कर पायेगा ।
परलोक की ना सोच नहीं तो जग में भरमा जायेगा ॥
अच्छी करनी कर ले .. .. .. .. .. ..
सहज कर्म कर तू परमपिता को पायेगा ।
कहत लक्ष्मी सुन रे बन्धु आत्म ज्ञान जग जायेगा ॥
अच्छी करनी कर ले .. .. .. .. .. ..
‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके।
Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,