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Lyrics

सच्चा राजा (Saccha Raja)

Satyavani Bhajan (Part-1)
सच्चा राजा सच्चा राजा है जग में जिसने मन अपना जीत लिया । सच्चा ........................ आवत जावत श्वास सँभारे दुर्ग अभेद बना लिया । सच्चा ........................ परमपिता के शरणागत जो शस्त्र अभय वो पा लिया । सच्चा ........................ दया दान धर्म भक्ति बनाए जो सत सिंहासन बैठ गया । सच्चा ........................ त्रिगुण का तिलक लगाया मुकुट गुणातीत धार लिया ॥ सच्चा ........................ सोहम् सोहम् की मुद्रा चलाई राम रसायन खजाना भर लिया ॥ सच्चा ........................ काम क्रोधादि चोर भगा दिए परहित का बाग लगा लिया ॥ सच्चा ........................ कहत लक्ष्मी सुनो रे बन्धु सच्चा वो प्रभु को पा लिया ॥ सच्चा ........................ ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,
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