हे सतगुरु मुझे बस इतनी शक्ति देना
हे सतगुरु मुझे बस इतनी शक्ति देना ।
मैं खुद जगा रहूँ और दूसरों को जगा दूँ बस इतना करवा देना ।
अज्ञान निसा में सो नहीं पाऊँ कर पकड़ मेरा उठा देना ।
तेरी राह पर अडिग होकर चल सकूँ बस इतनी सी मुझको शक्ति देना ।
परहित रत रहूँ सदा बस मेरी मनोवृति ऐसी कर देना ।
तू ही है अल्लाह तू ही है ईश्वर बस इतना सा मुझे विश्वास करा देना ।
कहत लक्ष्मी सुनो गुरुदेव सदा सदा मुझे अपनी शरण में रख लेना ॥
‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके।
Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,