Loading...

Lyrics

हे गुरुदेव तेरे चरणों में मैं बल बलहारी जाऊँ (He Gurudev Tere Charnon Mein Main Bal Balhari Jaoon)

Satyavani Bhajan (Part-1)
हे गुरुदेव तेरे चरणों में मैं बल बलहारी जाऊँ हे गुरुदेव तेरे चरणों में मैं बल बलहारी जाऊँ। तेरा रुप अलख नाम अलख तेरा मरम कैसे समझ पाऊं। अगम अगोचर है तू अब कैसे तर्क से मैं समझाऊँ॥ श्रद्धा विश्वास सब भाव आधारी कैसे मैं तुझे ध्याऊँ। सुना है तू है करुणा का सागर कैसे मैं करुणा में नहाऊँ॥ अकथ अगाध है कहानी तेरी कैसे मैं अनुभव कर पाऊँ। हे सतगुरु अब तू ही राह बता शरण में तेरी आऊँ॥ ‘सत्यवाणी भजन’ की रचना गुरुदेव अवधूत लक्ष्मीनारायण जी ने सतगुरु अवधूत देवीदास महाराज जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से आत्मानुभव के आधार पर की है। इसमें आध्यात्मिक गूढ़ रहस्यों को सरल एवं गीतात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि साधारण पाठक भी सहज रूप से आत्मा, जीव और परमात्मा के सत्य को समझ सके। Satyavani Bhajan, Awadhoot Laxminarayan, Awadhoot Devidas Maharaj, Manav Dharma Shastra, Satyavani Sangit Mahotsav,
Special Thanks and credits to HTML Codex